बिना फिल्म देखे ज्ञान पेलने वालों के लिए यह खबर खास है |

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chhapak name change rajesh to basir

JNU छात्रों का सपोर्ट करने के बाद से दीपिका पादुकोण की फिल्म छपाक विवादों में आ गई है. एक तरफ जहां फिल्म को बायकॉट करने की मांग उठ रही है. वहीं दूसरी ओर दीपिका के सपोर्ट में कई सितारे हैं. लेकिन दीपिका के JNU जाने के बाद सोशल मीड‍िया पर राजेश और नदीम नाम ट्रेंड कर रहा है. इसकी क्या वजह है जाने पूरा मामला.

बुधवार को देखते ही देखते ट्विटर पर राजेश और नदीम खान नाम ट्रेंड होने लगे और लोगों ने छपाक के मेकर्स की मंशा पर सवाल उठाए. कहा जाने लगा कि फिल्म में लक्ष्मी पर तेजाब फेंकने वाले शख्स का नाम ही नहीं धर्म भी बदला गया है. उसका रियल नाम नदीम खान है जिसे फिल्म में राजेश कर दिया गया है. हालांकि ये सच नहीं है.

क्या है हकीकत?

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को स्वराज मैगजीन ने एक आर्टिकल छापा जिसकी हेडलाइन थी, “बॉलीवुड के तरीके: दीपिका की फिल्म छपाक में राजेश बन गया एसिड फेंकने वाला नदीम खान”. दीपिका के जेएनयू जाने का विरोध करने वाले सोशल मीडिया यूजर्स ने इसी खबर की मदद से बात का बतंगड़ बना दिया और सोशल मीडिया पर ये खबर फैल गई कि फिल्म में एसिड फेंकने वाले का नाम बदलने के बहाने उसका धर्म बदला गया है और ये हिंदू धर्म को बदनाम करने की एक कोशिश है. जबकि फिल्म में एसिड फेंकने वाले का नाम राजेश नहीं बल्कि बशीर खान उर्फ बब्बू है. फिल्म में नाम की मदद से एसिड फेंकने वाले शख्स का धर्म बदलने की बात पूरी तरह से गलत है.

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मामले में आये बड़े बयान

बात तब और बढ़ गई जब पर्यावरण और वन मंत्रालय संभालने वाले बाबुल सुप्रियो ने बयान दिया, “जब आप कहते हैं कि कहानी के सभी पात्र और घटनाएं काल्पनिक हैं तो आप पूरी तरह से हिप्पोक्रेसी दिखा रहे होते हैं. जब आप नाम बदलते हैं तो आप उसी के साथ धर्म भी बदल देते हैं.”

बाबुल ने कहा कि ये सब जान बूझकर किया गया है. उधर भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सासंद सुब्रमण्यम स्वामी ने एक वकील के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए कहा कि इशकरण दीपिका पादुकोण और उनकी फिल्म छपाक के खिलाफ लीगल नोटिस ड्राफ्ट कर रहे हैं यदि उन्होंने एसिड फेंकने वाले का नाम मुस्लिम से बदलकर हिंदू किया है तो.

ट्विटर पर वायरल हो रहे ट्वीट्स

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कौन है नदीम खान?

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2005 में लक्ष्मी अग्रवाल (जो कि उस समय 15 साल की स्टूडेंट थीं) नई दिल्ली के खान मार्केट में एक बुकस्टोर पर जा रही थी. तभी 32 साल के नदीम ने लक्ष्मी पर एसिड फेंका था. क्योंकि लक्ष्मी लोअर मिडिल क्लास परिवार से थीं इसलिए वो बुकस्टोर पर काम कर फैमिली को सपोर्ट करती थीं. लक्ष्मी का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने नदीम खान के शादी के प्रपोजल को ठुकरा दिया था.

10 जनवरी को रिलीज हो रही छपाक के आने के बाद ही ये पता चल सकेगा कि आरोपी का नाम बदला गया है या नहीं. हालांकि फिल्म में लक्ष्मी अग्रवाल का नाम भी मालती रखा गया है. लेकिन नाम के साथ धर्म बदलने पर सोशल मीड‍िया पर मेकर्स को नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है.

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