टोक्यो ओलंपिक्स में भारत का जलवा कायम रखने के लिए तैयार हैं भारतीय एथलीट्स

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जैसा कि आप सभी जानते हैं कि खेलकूद हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है। यह हमारे बचपन से शुरू होता है और कुछ लोगों का खेलकूद सिर्फ शौक तक रह जाता है वहीं कुछ लोग इसमें अपना भविष्य, कैरियर और देश के लिए खेलने लगते हैं।

आज हम इस आर्टिकल में आपको बताएंगे कहानी भारतीय एथलीट्स की। खेल प्रतियोगिता की रोमांचकता के कारण ही आज विश्व भर में “एथेलेटिक्स” को “खेलों की रानी” कहा जाता है।

भारतीय एथलीटस :

भारत दशकों से शानदार एथलीट का घर रहा है, विनेश फोगाट और सानिया मिर्जा जैसे नाम एथलेटिक्स की दुनिया में प्रसिद्ध हैं, जिन्होंने भारतीय एथलेटिक्स को विश्व मानचित्र पर ला खड़ा किया है। भारत में एथलेटिक्स के खेल को ब्रिटिश राज कीअवधि के दौरान पेश किया गया था। खेल के शीर्ष स्तर पर बड़ी आबादी के बाद भी भारतीय एथलीटों ने विश्व और प्रमुख चैंपियनशिप में पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। विश्व भर में भारत के खेलों की ताकत को दर्शाया है।

टोक्यो ओलंपिक्स :

टोक्यो ओलंपिक्स को दुनिया भर में कोरोनावायरस और लॉकडाउन के कारण 1 साल तक टाला गया लेकिन अब सब्र की घड़ी खत्म हो गई है, टोक्यो ओलंपिक की डेट आ चुकी है और 23 जुलाई से टोक्यो ओलंपिक शुरू हो रहे हैं। भारत के जाने-माने खिलाड़ी इसमें हिस्सा ले रहे हैं, जिन्होंने कई उपलब्धियां प्राप्त की हैं।

मैरी कॉम से लेकर पीवी सिंधु तक भारतीय एथलीट का प्रदर्शन हमेशा से ही उत्साहजनक रहा है और उन्होंने प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों  में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।

प्रसिद्ध भारतीय मुक्केबाज मैरी कॉम टोक्यो में ओलंपिक्स भारत का प्रतिनिधित्व करती हुई नजर आएंगी, जब से विश्व मुक्केबाजी शुरू की गई है तब से मैरी कॉम ने लगातार आठ एडिशन में पदक प्राप्त किए हैं। 2001, जिसमें मुक्केबाजी की शुरुआत की गई उसमें उन्होंने विश्व मुक्केबाजी में रजत पदक जीता। 2002 से 2008 तक लगातार उन्होंने मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीता, साथ ही 2010 और 2018 में भी उन्होंने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। हालांकि 2019 विश्व मुक्केबाजी में वह कांस्य पदक जीती, 2012 के लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर वह मुक्केबाजी में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। ऐसे ही एशियन खेलों में भी मैरीकॉम की उपलब्धि रही है, 2014 इंचियोन एशियाई खेलों में, उन्होंने स्वर्ण पदक जीता, जिससे वह एशियाई खेलों का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं।

भारतीय तीरंदाज दीपिका कुमारी, टोक्यो ओलंपिक में अतनु दास के साथ मिलकर महिला रिकर्व और मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। 2012 से दीपिका ने तीरंदाजी विश्व कप में विभिन्न स्पर्धाओं में 11 स्वर्ण पदक सहित कुल 35 पदक जीते हैं। दीपिका ने 2009 विश्व युवा चैंपियनशिप में कैडेट महिला रिकर्व स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था, वहीं 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों मे उन्होंने महिला रिकर्व और महिला टीम स्पर्धा दोनों में स्वर्ण पदक जीता। 2012 में उन्होंने तुर्की विश्व कप में रिकर्व स्वर्ण पदक जीता और उसी वर्ष महिला रिकर्व तीरंदाजी में वह पहले नंबर पर आईं। इसके अलावा उन्होंने लगातार 2014 के ब्रोकला विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता, साथ ही 2015 के विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। वर्ष 2016 में दीपिका को बड़ी उपलब्धि प्राप्त हुई जब उन्हें पद्मश्री के रूप में ताज पहनाया गया, जो कि भारत में चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। 2018 में उन्होंने विश्व कप में 6 साल बाद पहला स्वर्ण जीतकर एक बार फिर भारत को विश्व के सामने साबित कर दिया।

जाने-माने फ्रीस्टाइल रेसलर बजरंग पुनिया जिन्होंने हाल ही में 2021 एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है, वह  ओलंपिक में 65 किलोग्राम कैटेगरी में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इनका पहला बड़ा पदक 2013 विश्व चैंपियनशिप में आया जहां उन्होंने 60 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता साथ ही 2014 के इंचियोन एशियन खेलों में 61 किलोग्राम वर्ग के साथ बजरंग ने रजत पदक जीता। इसके अलावा 2019 के विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी उन्होंने प्राप्त किया।

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टेनिस की फील्ड में सानिया मिर्जा का नाम कौन नहीं जानता। सानिया टोक्यो ओलंपिक्स में महिला युगल में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस इवेंट में अंकिता रैना के साथ वह नजर आएंगी। 2002 से 2014 तक एशियन गेम्स में सानिया ने 8 पदक प्राप्त किए हैं। 2009 में ऑस्ट्रेलियन ओपन में मिश्रित युगल और 2012 में फ्रेंच ओपन जीतने के लिए उन्होंने महेश भूपति के साथ भागीदारी की, वहीं 2014 में यूएस ओपन जीतने के लिए उन्होंने ब्रनो सोरेस के साथ भागीदारी की। इसी के साथ अब सानिया अपने चौथे ओलंपिक में हिस्सा लेने जा रही हैं।

फ्रीस्टाइल रेसलिंग में विनेश फोगट ओलंपिक्स में 53 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। विनेश फोगट एक ताकतवर एथलीट के रूप में उभरी हैं। फोगट ने 2014 ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी पहली बड़ी उपलब्धि प्राप्त की थी, इसी वर्ष इंचियोन एशियन खेलों में उन्होंने कांस्य पदक जीता। हाल ही में उन्होंने कज़ाकिस्तान के अल्माटी में एशियन चैंपियनशिप 2021 में 53 किलोग्राम श्रेणी में अपना पहला स्वर्ण पदक जीतकर एक और बड़ी उपलब्धि प्राप्त की है।

प्रोफेशनल बैडमिंटन प्लेयर पीवी सिंधु टोक्यो ओलंपिक में महिला एकल स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। 2019 में वह विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय बनी जब उन्होंने बेसल में विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतकर देश का सर गर्व से ऊंचा कर विश्व भर में भारत का नाम कर दिया। उन्होंने ऐसी और भी कई उपलब्धियां प्राप्त की हैं जैसे 2013 में उन्होंने कांस्य पदक जीता और विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बनीं, उसी वर्ष उन्होंने मलेशियाई ओपन में अपना पहला ग्रैंड प्रिक्स खिताब जीता। 2016 में रियो ओलंपिक्स में रजत पदक जीतने वाली वह पहली महिला बन गयीं।

यह तो सबको पता है कि कोविड-19 के कारण दुनिया भर के खेलों पर इसका प्रभाव पड़ा वहीं इसका असर ओलंपिक्स में भी देखने को मिला। लम्बे समय तक टले ओलंपिक में एक से बढ़कर एक भारतीय खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। भारतीय एथलीट खेल में अपने लाजवाब प्रदर्शन से भारत का सर दुनिया भर में गर्व से ऊंचा करते हैं और इसस बार भी ओलंपिक्स मे उनका प्रदर्शन देखने वाला होगा।

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