JNU Violence: हमले में घायल JNUSU अध्यक्ष आइशी घोष समेत 19 छात्रों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR

JNU Violence: जेएनयू प्रशासन का कहना है कि हॉस्टल-सेमेस्टर फीस का विरोध और समर्थन कर रहे छात्रों के बीच संघर्ष हुआ, जो बाद में हिंसा में बदल गई. इस हिंसा में कुल 34 लोग जख्मी हुए, जिनमें कुछ टीचर्स भी शामिल थे.

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हिंसा में स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष आइशी घोष को गंभीर चोटें आई थीं.

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में हुए हिंसा के मामले में स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष आइशी घोष (Aishe Ghosh) समेत 19 छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. रविवार रात को कुछ नकाबपोश बदमाशों में जेएनयू कैंपस में घुसकर छात्रों और टीचरों की लोहे की रॉड-डंडे से पिटाई की थी. इसमें कुल 34 छात्र-छात्राएं जख्मी हो गए थे, जिनमें आइशी घोष भी शामिल थीं. मारपीट में आइशी के सिर पर काफी गहरी चोटें आई, जिसके बाद उन्हें एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करना पड़ा था.

न्यूज़ एजेंसी ANI के मुताबिक, जेएनयू में 4 जनवरी को जो मारपीट और सर्वर रूम तोड़ने की एफआईआर दर्ज हुई है, उसमें JNUSU अध्यक्ष आइशी घोष और उनके 7-8 साथियों के नाम शामिल हैं. ये एफआईआर जेएनयू प्रशासन की तरफ से 5 जनवरी को दर्ज कराई गई थी.

हिन्दू रक्षा दल ने ली हिंसा की जिम्मेदारीवहीं, इस हिंसा की पूरी जिम्मेदारी हिन्दू रक्षा दल ने ली है. हिन्दू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि छात्रों की पिटाई करने वाले उनके कार्यकर्ता थे. उन्होंने कहा कि जेएनयू में देश विरोधी गतिविधियां होती हैं, जो उन्हें बर्दाश्त नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर कोई देश के खिलाफ साजिश रचेगा तो वो उसी तरह जवाब देंगे जिस प्रकार रविवार को जेएनयू में दिया गया.

जेएनयू में कैसे सुलगी हिंसा की आग?

जेएनयू प्रशासन के मुताबिक, कैंपस में बीते 8 अक्टूबर से हॉस्टल फीस बढ़ोतरी के विरोध में छात्रसंघ समेत आम छात्रों का विरोध प्रदर्शन चल रहा है. इसके तहत छात्रों ने दिसंबर की सेमेस्टर परीक्षाओं का बहिष्कार किया था. दो दिन तक लेफ्ट संगठनों ने सर्वर रूम पर कब्जा कर रखा था और रजिस्ट्रेशन नहीं होने दे रहे थे. इस बीच रविवार को कुछ छात्र विंटर सेमेस्टर रजिस्ट्रेशन के आखिरी दिन रजिस्ट्रेशन करने जा रहे थे. तभी प्रॉक्टर ऑफिस के बाहर छात्रसंघ समेत वामपंथी छात्र संगठनों ने उन्हें रोकने की कोशिश की. इस दौरान उनके बीच धक्का-मुक्की और कहासुनी शुरू हो गई. बताया जा रहा है कि मौके पर कुछ टीचर्स भी थे, लेकिन किसी ने लेफ्ट छात्र संगठनों को मारपीट करने से नहीं रोका.

शाम होते ही कैंपस में घुसे नकाबपोश बदमाश

उधर जेएनयू परिसर स्थित साबरमती टी प्वॉइंट पर जेएनयू छात्रसंघ की तरफ से सभा का आयोजन किया गया था. इसमें बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे और अपने विचार रख रहे थे. करीब 6:30 बजे कैंपस में अचानक 40 से 50 युवक चेहरे पर नकाब पहने और हाथों में लाठियां लेकर घुस आए. उन लोगों ने छात्रों से मारपीट शुरू कर दी.

जहां जो सामान मिला, उसे भी तोड़ा

साबरमती टी प्वॉइंट पर सभा के आयोजन के बीच में ही एबीवीपी और जेएनयू छात्रसंघ समर्थित छात्रों के बीच झड़प और मारपीट हुई. इससे परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया. इसके बाद नकाबपोश लोगों की तरफ से साबरमती हॉस्टल में तोड़-फोड़ की गई. गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की.

सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए नकाबपोश बदमाश.
सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए नकाबपोश बदमाश.

अब तक क्या हुई कार्रवाई?

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक 3 एफआईआर दर्ज की है. इनमें से दो एफआईआर जेएनयू प्रशासन की तरफ से दर्ज कराई गई है. वहीं, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में सोमवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ दंगा भड़काने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का केस दर्ज किया है. इस मामले में 4 संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है, लेकिन अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है. उधर, गृह मंत्रालय ने जेएनयू प्रशासन ने हिंसा की रिपोर्ट तलब की है और जांच के आदेश दिए गए हैं.

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