पंचर साटने की बात कह देने से आग बबूला हुए लोगों ने खान सर को मज़हबी दुश्मन बना लिया

जात न पूछो साधू की पूछ लीजिए ज्ञान

0
138
khan-sir

जात न पूछो साधू की पूछ लीजिए ज्ञान, अर्थात आप किसी साधू से या किसी गुरु से कभी उसकी जात के बारे में न पूछना। जी हाँ यह कहावत तो लगभग सभी ने सुनी होगी लेकिन राजेश खन्ना जी के स्टाइल में कहें तो “यह तो भारत है मेरे दोस्त और यहाँ कुछ भी हो सकता है।”

बहुप्रचलित खान सर:

वर्तमान में बहुप्रचलित शिक्षक खान सर के बारे में कौन नहीं जानता। वो अपने तरीके से पढ़ाने को लेकर कम ही समय में काफी विख्यात होगये। वो इतिहास पढ़ाते समय चीन और पाकिस्तान को ढंग से धोते हैं। उनका पढ़ाने का तरीका काफी मज़ाकिया और मनमोहने वाला होता है।

गौरतलब है कि पटना में रहने वाले खान सर जीएस के टॉपिक को देसी तरीके से आसान भाषा में लोगों को समझाते हैं। यूट्यूब पर लोग उनके वीडियो को खूब देखते हैं। अभी उनके 92 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं। मतलब अगर और आसानी से समझें तो बस इतना समझ लीजिए कि पूरे इजराइल की जितनी जनसँख्या है उससे ज़्यादा तो खान सर के सब्सक्राइबर्स हैं

क्यों शुरू हुआ विवाद ?

उनके द्वारा जीएस का एक वीडियो इंटरनेट पर डालने के बाद विवाद शुरू हुआ। जिस वीडियो में उन्होंने फ्रांस-पाकिस्तान के संबंधों और पाकिस्तान में फ्रांस के राजदूत को देश से वापस भेजने के लिए हो रहे विरोध प्रदर्शन के बारे में बताया था।

प्रदर्शन की तस्वीर को पॉइंट करते हुए उन्होंने कहा कि

“ई रैली में ये बेचारा बचवा है। इसको क्या पता कि राजदूत क्या चीज होता है। कोई पता नहीं लेकिन फ्रांस के राजदूत को बाहर ले जाएंगे। बाबू लोग तुम लोग पढ़ लो। अब्बा के कहने पर मत आओ। अब्बा तो पंचर साट ही रहे हैं। ऐसा ही तुम लोग भी करोगे तो बड़ा होकर तुम लोग भी पंचर साटेगा। तो पंचर मत साटो वरना तुमको तो पता ही है कि कुछ नहीं होगा तो चौराहा पर बैठकर मीट काटेगा। बताइए ये उमर है बच्चों को यहां पर लाने का?”

Khan Sir’s Words

इस वीडियो के बाद खान सर की कुछ ऐसी तस्‍वीरें वायरल हो गयीं, जिनमें वे हाथों में राखी बांधे और तिलक लगाए नजर आ रहे हैं। इन तस्‍वीरों के जरिये बताने की कोशिश हो रही है कि खान सर, मुसलमान नहीं बल्कि हिंदू हैं।

इस वीडियो और कुछ फोटोज़ के बाद से लोगों की तरफ से उनके नाम और धर्म को लेकर सवाल उठाए जाने लगे। कुछ लोगों ने उनके पुराने वीडियो का हवाला देते हुए उन्हें अमित सिंह बताया और कुछ लोगों का कहना है कि उनका नाम फैज़ल खान है हालांकि अभी तक उनका नाम एक मिस्ट्री है। इस पूरे मुद्दे पर खान सर का कहना है कि नाम से किसी को नहीं जानना चाहिए अगर किसी को जानना है तो उसके काम से जानो।

Read More: रामदेव के इन सवालों के जवाब एलोपैथी के पास हैं क्या ?

खान बस एक स्टाइल है:

खान बस एक टाइटल है मेरा मूल नाम नहीं है। मैंने अपना पूरा नाम कभी नहीं बताया। टाइम आएगा तो सबको पता चल ही जाएगा। नाम में कोई बहुत बड़ा रहस्य नहीं छुपा हुआ है लेकिन एक ट्रेंड है तो उसे चलने दिया जाए। सोशल मीडिया के बाद टेलीविज़न के कई चैनलों ने उनका इंटरव्यू भी लिया जिसमें उन्होंने बताया कि वे एक राष्ट्रवादी व्यक्ति हैं उन्हें जात-पात में न डाला जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया में ट्रेंड होने या वायरल होने के बाद उन्हें 2 दिन में 96 हज़ार नए छात्र मिले हैं और इसी तरह आप लोग ट्रेंड चलाते रहिए इससे हमारा नुकसान नहीं बल्कि फायदा है।

Source: Zee Hindustan

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here