Legend never dies: इरफ़ान खान से जुड़े दिलचस्प किस्से

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irrfan khan

बॉलीवुड अभिनेता इरफान खान की 29 अप्रैल को पहली डेथ एनिवर्सरी है। बॉलीवुड में सबसे बिंदास अभिनेता के तौर पर पहचाने जाने वाले इरफान कोलोन इंफेक्शन के चलते दुनिया को अलविदा कह गए थे हालांकि इससे पहले तकरीबन दो सालों से वो कैंसर से जूझ रहे थे। नजर डालते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ किस्सों पर:-

पहली फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले ही टूट गया था सपना

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इरफान खान की डेब्यू फिल्म ‘सलाम बॉम्बे’ थी। फिल्म की निर्देशक मीरा नायर ने इरफान को कॉलेज की एक वर्कशॉप में देखा था। मीरा ने उन्हें मुंबई में वर्कशॉप अटेंड करने का ऑफर दिया। इरफान की खुशी का ठिकाना नहीं था। 20 साल के इरफान मुंबई पहुंचे और रघुवीर यादव के साथ एक फ्लैट में रहने लगे, जो मीरा ने किराए पर लिया था।

फिल्म की कहानी मुंबई के स्ट्रीट किड्स पर बेस्ड थी और इरफान को कुछ रियल स्ट्रीट किड्स के साथ ही वर्कशॉप में शामिल किया गया था। क्योंकि उन्हें फिल्म में एक स्ट्रीट किड सलीम का ही रोल दिया गया था। हालांकि, शूटिंग शुरू होने से दो दिन पहले मीरा ने इरफान का रोल काट दिया और उन्हें एक लेटर राइटर का किरदार दे दिया, जो कि प्रैक्टिकली कुछ भी नहीं था। तब इरफान अपने दोस्तों रघुवीर यादव और सूनी तारापोरवाला के कंधे पर सिर रखकर खूब रोए थे। इरफान ने एक इंटरव्यू में कहा था, “मुझे याद है कि जब मीरा ने मुझे रोल कट करने के बारे में बताया तो मैं पूरी रात रोया था।”

जब 6 महीने अमेरिका में बिताने के लिए मिले सिर्फ 10 लाख रुपए

‘सलाम बॉम्बे’ में रोल काटने के बाद मीरा ने उनसे वादा किया था कि वे उन्हें किसी अन्य फिल्म में लीड रोल देंगी। लेकिन इसे पूरा करने में उन्होंने 18 साल का वक्त लगाया। मीरा ने ‘द नेमसेक’ में उन्हें लीड रोल दिया, जो 2006 में रिलीज हुई। हालांकि, उस समय तक उनका संघर्ष ख़त्म नहीं हुआ था। जब वे फिल्म की शूटिंग कर रहे थे, तब मीरा नायर ने उन्हें अमेरिका में 6 महीने बिताने के लिए महज 10 लाख रुपए दिए थे।

अमेरिकी सीरीज ‘इन ट्रीटमेंट’ के हर सीन से पहले रोते थे इरफान

इरफान खान ने 2008-2010 के बीच अमेरिकी टीवी सीरीज ‘इन ट्रीटमेंट’ में काम किया था। झुम्पा लाहिड़ी की कहानी पर आधारित इस सीरियल में ब्रुकलिन में एक बंगाली विधुर की थैरेपी को दिखाया गया था। इसके हर सीन से पहले इरफान रोते थे। उन्हें पेज भर-भरकर डायलॉग याद करने की जरूरत होती थी। फिर एक वक्त पर उन्होंने ड्रामा करना छोड़ दिया। यदि एक अभिनेता दो लाइन भी भूल जाता है तो उसे अगले विकल्प के तौर पर 15 मिनट का टेक दिया जाता था। निराश इरफान ने मदद के लिए न्यूयॉर्क में मौजूद अपने दोस्त नसीरुद्दीन शाह को फोन लगाया और जवाब मिला सफलता का सबसे आसान सूत्र यही है कि लाइनों को अच्छे से याद कर लिया जाए।”

कभी बॉलीवुड नहीं छोड़ना चाहते थे इरफान

इरफान खान उन अभिनेताओं में से एक थे, जिन्हें बॉलीवुड के साथ-साथ हॉलीवुड में भी बराबर सफलता मिली। एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या वे कभी हॉलीवुड शिफ्ट हो सकते हैं? तो उन्होंने कहा था, “मैं अपने बेस के रूप में कभी बॉलीवुड को नहीं छोडूंगा। मुझे नहीं पता कि भविष्य ने मेरे लिए क्या संजोकर रखा है। लेकिन हॉलीवुड को अपना बेस बनाने का मेरा कोई इरादा नहीं है। इसका एकमात्र कारण यह है कि वहां मैं अपने दिल की सुनकर फिल्में नहीं कर पाऊंगा। मुझे वहां सभी तरह की फिल्में करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।”

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