अयोध्या में सुरक्षा चाक-चौबंद

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बहुचर्चित अयोध्या भूमि विवाद पर सुनवाई पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले हलचल बढ़ी हुई है। अयोध्या को किले में तब्दील कर दिया गया है। इस बीच, अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई रंजन गोगोई ने यूपी के चीफ सेक्रेटरी और यूपी पुलिस के डीजीपी ओपी सिंह को बुलाया है।

सीजेआई ने राज्य के दोनों आला अधिकारियों का बुलाया है, जिनसे वे सुरक्षा संबंधित तैयारियों की जानकारी लेंगे।अयोध्या मामले में शीर्ष अदालत का फैसला आने की जल्द आने की उम्मीद जताई जा रही है। इसे देखते हुए सभी राज्यों की सरकारों ने सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी है।

इसके लिए गृह मंत्रालय ने सभी राज्‍यों को सुरक्षा तैयारियों को सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए हैं। गृह मंत्रालय ने यूपी सरकार को अयोध्या में सभी सुरक्षा तैयारियों को सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश जारी किए है।

अयोध्या पर आने वाले फैसले से पहले, हर तरह से सतर्कता बरती जा रही है। आरपीएफ की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। 78 रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अयोध्या में पैरा मिलिट्री की कई कंपनियां तैनात की गई हैं। अयोध्या में 20 अस्थाई जेल बनाए गए हैं और 300 स्कूलों को सुरक्षा बलों के लिए रिजर्व किया गया है। इसके अलावा 30 बम निरोधक दस्ते भी तैनात किए गए हैं।

सीएम योगी ने भी की बैठक

अयोध्या मामले पर आने वाले फैसले से पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के आला अफसरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की और हर जिले में 24 घंटे एक विशेष कंट्रोल रूम खोलने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लखनऊ और अयोध्या में हैलीकॉप्टर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा जाए। सीएम ने सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के निर्देश भी दिए और सोशल मीडिया पर भी नजरें बनाए रखने के निर्देश दिए।

पुलिस पैदल गश्त करने का काम भी कर रही है। जिलाधिकारी धर्मगुरुओं के साथ बैठक करके शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास में जुटे हुए हैं। प्रशासन ने बीते कुछ दिनों में करीब 6000 शांति बैठकें की और 5800 धर्मगुरुओं से मुलाकात की उन्होंने कहा कि हम सेना और वायुसेना से भी संपर्क स्थापित किये हुए हैं।

ओपी सिंह ने कहा कि हमारे नजर में बहुत से लोग हैं जिनपर हमारी नजर है। ऐसे लोगों की संख्‍या करीब 10 हजार है और हमने उन्हें सीआरपीसी के तहत पाबंद किया हुआ है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि शांति भंग न हो। ऐसे लोगों में से 500 से ज्यादा को जेल भेजा जा चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि फील्ड के बाद हमारा सबसे ज्यादा ध्‍यान जिसपर है वो है सोशल मीडिया…. इसपर नजर रखने के लिए बकायदा एक टीम को बैठाया गया है। हमारी पैनी नजर ऐसे 1,659 लोगों के अकाउंट्स पर है जिसके द्वारा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट शेयर की जा सकती है।

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