युवाओं के आइकन टुन्ना भैया

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बिहार एक ऐसा राज्य जहाँ की राजनीति कहें तो काफी जटिल है, हर नेता का अपना क्षेत्र है, अपनी जाति-धर्म के वोटर हैं, इन सबमें दूसरी तरफ आप देखें तो एक व्यक्ति बाकी सारे नेताओं को चैलेंज करता है, जहाँ बाकी सभी जाति-धर्म, ऊँच-नीच ,किसी एक समुदाय की बात करते हैं, तो ये युवाओं की बात करते हैं, समाज में बदलाव की बात करते हैं, सभी विचारधाराओं से ऊपर उठकर युवा कैसे आगे बढ़े ,ये उसकी बात करते हैं, रीगा के युवा इन्हें मानते हैं ,अपना “आइकन ” ,ये हैं रीगा के “टुन्ना भैया “।

राजनीतिक शुरुआत

अमित कुमार टुन्ना जो कि सीता जी की जन्मभूमि सीतामढ़ी के रीगा विधानसभा के विधायक हैं। वे यहाँ के लोगों के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने अपने राजनैतिक कैरियर की शुरुआत 1997 में यूथ कांग्रेस झारखंड से की थी और 2006 में उन्होंने सीतामढ़ी से अपने राजनैतिक कैरियर में अगला कदम रखा और सन 2015 में लगभग चौबीस हज़ार वोटों से जीत हासिल की।

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वे विधायक होने के साथ ही एक समाज सेवक हैं, वे जनता के बीच जाकर उनकी तकलीफों, समस्याओं आदि का जायज़ा लेकर उन समस्याओं का समाधान करने में प्रयासरत रहते हैं। वे लोगों को शांति और भाईचारे को कायम रखने के लिए भी समय-समय पर जागरूक करते रहते हैं।

बाढ़ जो कि बिहार के लिए एक आम समस्या हो गयी है जिससे उबरना अत्यंत कठिन है, यह एक ऐसी परेशानी है जिसका असर वहां की जनता पर सालों तक रहता है। इसकी चपेट में आने वालों की ज़िंदगी, उनके रहन-सहन और मानसिकता पर अत्यधिक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में अमित कुमार टुन्ना बाढ़ क्षेत्रों में जनसेवा के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और जनता की मदद करने की हर संभव कोशिश करते हैं और सरकार पर इन समस्याओं से निजात न दिला पाने को लेकर कई सवालिया चिह्न लगा देते हैं।

वे जनता की समस्याओं का समाधान कराने को लेकर कभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलते हैं तो कभी आमरण अनशन भी करते हैं, कहने का तात्पर्य यह है कि वे जनहित या समाजहित के लिए हर संभव प्रयास करते हैं।

हाल ही में उन्होंने रीगा प्रखंड के रीगा मेजरगंज पीडब्ल्यूडी पथ मझौरा चौक से पोशुआ पटनिया तक तथा इमली बाजार से हमीरपुर तक की सड़कों का शिलान्यास किया, इन पथों को बनाने में लगभग 4.38 करोड़ की लागत लगी। उन्होंने रीगा में बिजली के क्षेत्र में भी अच्छा कार्य किया है।

वे हमेशा किसानों के हित के लिए उनके साथ खड़े रहते हैं, कुछ वर्ष पहले उन्होंने किसानों को रीगा चीनी मिल में फंसे पैसे दिलाने की कोशिश की और उसमें सफल भी हुए।

अमित टुन्ना ने 2019 में रैली निकाली जिसमें वे बैलगाड़ी पर सवार होकर भारी संख्या में समर्थकों के साथ विधानसभा तक गये |

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